जिंदगी की राहों में, उदासी का सफर बिताते हुए,
दिल में छुपे गमों को, आवाज़ देने की कोशिश है।
धड़कनों की गहराईयों में, छुपे दर्द की कहानी है,
खुद से खो गए हैं हम, अब किसी को पाने की ख्वाहिश है।
ख्वाबों की दुनिया में, ज़िंदगी की राहों में खो गए,
मिले थे हमें जब सपनों की तलाश में, लबों पे मुस्कान सजाने की ख्वाहिश है।
क्या कहूँ जब अपनों ने भी, अपनापन छोड़ दिया,
दिल में छुपे दर्द को, आवाज़ देने की कोशि
श है।
आँखों में समां जाती है, वो तरसी रातों की यादें,
जब तन्हाई में बिताई रातों में, आँसू बहाने की कोशिश है।
दर्द की वो बातें, जो दिल के क़रीब होती हैं,
खुद से खो गए हैं हम, अब किसी को पाने की ख्वाहिश है।
खोये हुए ख्वाबों में, हम खुद को पहचान नहीं पाते,
बिखरी हुई यादों में, अपने आप को खो जाते हैं।
बीती हुई वक़्त की, तस्वीरें हमें सताती हैं,
दिल में छुपे दर्द को, आवाज़ देने की कोशिश है।
जिंदगी की महकती खुशबू, खोखले दिल में बिखरी है,
जैसे खो गई है खुद को, खुद से दूरी की ख्वाहिश है।
ज़िंदगी की राहों में, उदासी का सफर बिताते हुए,
आँसू बहाने की कोशिश, अब तकदीर की दहलीज़ पर खड़ी है।
