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15 August special
यहाँ बसती है देश भक्ति की बेबाक रचना।
सीने में धडकता गर्व, मातृभूमि की वीरता,
यहाँ तक पहुँच जाती है देश की महानता।
खेतों में खुदाई करते किसान का संघर्ष,
सीमा पर वीर जवानों की निष्ठा और बलिदान।
यहाँ तक पहुँचती है देश भक्ति की बहुत मीठी बातें,
जो लहराती हैं देश की तिरंगा की खास यादें।
गंगा की धारा, हिमालय की चोटी,
विभाजन और आज़ादी की खोज में दिए गए संघर्ष।
यहाँ तक पहुँचती है देश भक्ति की मधुर ध्वनि,
जो सुनकर बढ़ जाता है गर्व और उत्साह।
सर्वोपरि उठी राष्ट्रीयता की धारा,
हर भारतीय का सपना - सशक्त, समर्पित और सदैव तैयार।
यहाँ तक पहुँचती है देश भक्ति की गहनतम अभिव्यक्ति,
जो बताती है कि देश हमारी पहचान है, और हम उसके वीर हैं।
उठो, खड़ा हो जाओ, दिखाओ देश प्रेम की शक्ति,
करो कुछ ऐसा की हो जाए यह दुनियाँ का सबसे बड़ा आदर्श।
यहाँ तक पहुँचती है देश भक्ति की निरंतर धारा,
जो हमें बनाती हैं महान, और दिल में भर देती है गर्व की आहट।